
पार्थ शब्द का उपयोग महाभारत में प्रचुर हुआ है जो ग्रीक भाषा के शब्द 'पर्ठेनोस' का देवनागरी स्वरुप है जिसका अर्थ 'मैथुन-विहीन' है अर्थात वह उत्पत्ति जिसमें मैथुन क्रिया का उपयोग न किया गया हो. आधुनिक संस्कृत में इस शब्द को अर्जुन का एक नाम कहा गया है जो एक भ्रांत धारणा है.

इसी शब्द का दूसरा उपयोग तत्कालीन 'पार्थिया' राज्य के लिए भी किया गया है जो जो वर्तमान पूर्वी इरान भूभाग पर स्थित था.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
केवल प्रासंगिक टिप्पणी करें, यही आपका बौद्धिक प्रतिबिंब होंगी