
शास्त्रीय शब्द 'देव


' लैटिन भाषा के शब्द theo से उद्भूत है जो उस मानव जाति के नाम के रूप में उपयुक्त किया गया जिसने बारतीय उपमहाद्वीप पर मानव सभ्यता का विकास आरम्भ किया था. पुरु वंश इसी जाति का अंग था जो मूलतः अब थाईलैंड कहे जाने वाले भूभाग पर रहता था और उत्तरी भारतीय क्षेत्र पर विकास कार्य आरम्भ किये थे. ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर इसी वंश के तीन भाई थे जिन्हें क्रमशः राम, लक्ष्मण, भरत बी कहा जाता है. कृष्ण के नेतृत्व में यवनों ने इनके विकास कार्य में व्यवधान उत्पन्न किये तथा महाभारत युद्ध में भारत की राजसत्ता हथिया ली. बाद में विष्णु ने विष्णु गुप्त चाणक्य नाम से उस पराजय का बदला लिया और चन्द्र गुप्त मौर्य को सम्राट बना भारत भूमि पर गुप्त वंश के साम्राज्य का सूत्रपात किया. इस प्रकार भारत का वर्तमान वैश्य समाज ही देव जाति का वर्तमान प्रतिनिधि है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
केवल प्रासंगिक टिप्पणी करें, यही आपका बौद्धिक प्रतिबिंब होंगी